आधार वर्चुअल ID क्या है ?आधार वर्चुअल IDकी 6 मुख्य बातें-(aadhar vartual id estemal kaise hoga)

आधार भारत वर्ष में एक ऐसा पहचान है जो सबके लिए अनिवार्य है और लगभग यह नंबर हर व्यक्ति के खातों से जुड़ा हुआ है चाहे वह बैंक का खाता हो, चाहे उसका SIM, चाहे उसकी पॉलिसी,चाहे उसकी खुद की प्रमाण आदि ऐसे में आधार नंबर के गलत हाथों में लग जाने से उस व्यक्ति की सारी जानकारी गलत हाथों में पड़ सकती है इसलिए आधार कार्ड के साथ साथ आधार नंबर की भी सुरक्षा बेहद जरूरी है पिछले कुछ दिनों में आधार की सुरक्षा को लेकर के कुछ अनहोनी होने के संकेत मिले | इसको लेकर के सरकार के तरफ से एक पहल करी गई है जिसमें आप अपने आधार नंबर के लिए एक 16 अंकों का वर्चुअल आडी कुछ समय के लिए बना सकते हैं और उसे प्रमाणिकता के लिए कहीं भी प्रयोग में ला सकते हैं जिससे आपके सीधे आधार नंबर को किसी को बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इस तरह से आपकी सुरक्षा बनी रहेगी यह सुविधा 1 मार्च 2018 से प्रारंभ होने की संभावना है बताया यह भी जा रहा है कि 1 जून 2018 से इसे सबके लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा |

 

आधार वर्चुअल ID क्या है ?(aadhar vartual id kya hai aur eska estemal kaise hoga )

चलिए हम बात कर लेते हैं आधार वर्चुअल ID की आखिर कार यह क्या है और यह कैसे काम करेगा दोस्तों हम आपको बता दें वर्चुअल ID एक 16 अंकों वाला आधार का डुप्लीकेट नंबर होगा जिसे जो कुछ समय के लिए ही मान्य होगा जो कहीं भी आप के आधार की प्रमाणिकता को साबित करने के लिए प्रस्तुत किया जा सकेगा| यह वर्चुअल ID 10 सेकंड से 20 सेकेंड के अंदर ऑनलाइन बनाया जा सकने वाला होगा साथ ही साथ हम आपको यह भी बता दें कि आप इसके तय सीमा के अंदर निरस्त भी कर सकते हैं या अपने हिसाब से सीमा के खत्म हो जाने के बाद दोबारा जनरेट कर सकते हैं पर इस वर्चुअल ID की खास बात यह है कि इसके प्रयोग न किए जाने पर भी यह एक सीमा के बाद अपने आप ही निरस्त हो जाएगा यह कुछ इस तरीके का ही है जो बैंकों में वर्चुअल कार्ड ऑनलाइन बनाए जाते हैं जिससे हम अपने खातों को सेफ रखने के लिए एक टेंप्रेरी मतलब कुछ क्षणों के लिए डेबिट कार्ड बनाते हैं और उससे पेमेंट करते हैं ऐसा करने से दूसरा व्यक्ति  हमारे वास्तविक कार्ड की जानकारी नहीं ले पाता और हमारा अकाउंट सेफ रहता है|

इस आधार वर्चुअल ID के माध्यम से सामने वाला व्यक्ति केवल आपके नाम, फोटो और पता की जानकारी ही कर पाएगा जिसका अक्सर करके वेरिफिकेशन के कामों में आवश्यकता होती है तो इस तरह आपके अन्य आधार से जुड़े तथ्यों की जानकारी कोई नहीं लगा पाएगा जो कि सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है |

 


आधार वर्चुअल ID  की मुख्य बातें -(aadhar vartual id se judi 6 mukhay bate)

वर्चुअल ID 16 अंकों का कोड होगा जो हर बार जनरेट किए जाने पर अलग-अलग होगा

वर्चुअल ID आवश्यकतानुसार एक से अधिक बार जनरेट किया जा सकता है

दूसरी बात वर्चुअल ID बनाए जाने पर ऑटोमेटिक तरीके से पहले वर्चुअल ID निरस्त हो जाएगी


वर्चुअल ID आधार की ऑफिशियल साइट पर जाकर के बनाया जा सकता है जिसमें यूजर समय सीमा रख सकते हैं जब तक के लिए वह  वाद्य होगा  इस बीच यूज़र द्वारा इसे बदला भी जा सकता है

यह वर्चुअल ID कहीं भी प्रमाणिकता को साबित करने के लिए सक्षम  होगा जिससे आपको अपने वास्तविक आधार नंबर को देने की जरूरत नहीं होगी

प्रमाणीकरण करने वाले एजेंसियों को उपयोगकर्ता की ओर से वर्चुअल आईडी बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Comments

  1. By satnam

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