फोबिया का इलाज या दवा,कारण,फोबिया का लक्षण व प्रकार(Phobiya ka ilaj aur dwa in hindi

फोबिया क्या है ?(PHOBIYA KYA HAI )

फोबिया कोई रोग नहीं बल्कि मस्तिष्क का विकार व समस्या है जिसके अंदर व्यक्ति का मस्तिष्क सामान्य रहने वाले बातों चीजों से भ्रमित हो जाता है और वह उस चीज से खतरा महसूस करता है | फोबिया को डर का दूसरा रूप भी कहते हैं यह ठीक भी है क्योंकि दोनों में ही मनुष्य अपने आपको किसी चीज से खतरा महसूस करता है लेकिन इन दोनों में जो सबसे मुख्य व बड़ा अंतर है वह है फोबिया के अंदर सभी के लिए सामान रहने वाली चीजों से व्यक्ति भयभीत रहता है जबकि डर के अंदर किसी खास वर्ग समूह जनजाति को वास्तव में हानि पहुंचाने वाली चीजों और बातों से चिंता होती है और डर लगता है|

फोबिया होने का कारण – (PHOBIYA KE KARAN)

फोबिया समस्या होने का मुख्य कारण कहीं भयावह घटना का होना या देखना माना जाता है और यह सही भी है जैसे- बिजली का तेज करंट लगना, किसी यात्रा के दौरान दुर्घटना हो जाना , किसी और का खुद की आखो के सामने तेज दुर्घटना होते देखना ,किसी के द्वारा पिटे जाने पर और भी बहुत सी ऐसी घटनाएं हैं जो सामान्य स्तिथि में होते हुए अचानक से घटित हो जाती है  जिसके बाद व्यक्ति के मस्तिष्क में डर बैठ जाता है और वह हमेशा उससे जुडी छोटी छोटी बातों से डरने लगता है जो हम लोगों के लिए आम व सामान्य होता है|

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फोबिया का इलाज या दवा  – (PHOBIYA KA ELAAJ)

फोबिया से ग्रसित व्यक्ति को सामान्य करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात होती है उसके मन से सामान्य सी बातों के प्रति डर को दूर करना मतलब उस को यह एहसास या अनुभव कराना कि जिससे वह डर रहा है या भ्रमित हो रहा है वह सामान्य है और उसको उससे कोई नुकसान नहीं और जब पीड़ित व्यक्ति का आत्मविश्वास सामान्य वस्तुओं और बातों के प्रति बढ़ने लगे तो समझ लीजिए समस्या दूर हो गई पर यह करना इतना आसान नहीं जितना कि हमें लग रहा है पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क व मन में विश्वास पैदा करने के लिए तमाम तरह के उपाय व तर्क अपनाए जाते हैं जो हम आपको बताने जा रहे हैं

1. फोबिया से ग्रसित व्यक्ति को कहीं भी अकेले ना छोड़े क्योंकि अकेले रहने पर वह जरूर भ्रमित होगा और समस्या ठीक होने के बजाए और बढ़ जाएगी

2.पीड़ित को हल्के चहल-पहल वाली जगह पर ले जाएं जहां पर न ज्यादा शांति हो और न ज्यादा शोर |

3.पीड़ित व्यक्ति अगेर किसी चीज से डर रहा है तो उस चीज को उसके सामने ही छु कर दिखाए की उससे उसे कोई परेशानी नही होने वाली है |

4. पीड़ित को डर रहे वस्तू के पीछे का लौजिक भी बताये जिससे उसे बिश्वास व उस वस्तू के प्रति आत्मज्ञान हो सके |

5. शुरुवात के दिनों में डर लगने वाली वस्तुओ को पीड़ित से दूर रखे |


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फोबिया का लक्षण व प्रकार -(PHOBIYA KE LAKSHAN)

फोबिया रोग या समस्या के प्रकार की बात करें तो हम इसे विभाजित नहीं कर पाएंगे क्योंकि जब यह हम बात करेंगे इसके प्रकार की तो आपको लगेगा कि यह डर लगने के प्रकार हैं और फोबिया में कुछ ऐसे भी प्रकार हैं जो सर्मिले होने को भी दर्शाता है| जैसे की कुछ लोगो के बीच न बोल पाना  हम आपको बता दे की कुछ लोग सर्मिले भी होते है जो किसी अनजान व्यक्ति से बात नही कर पाते है या कुछ लोगो के बीच नही बोल पाते तो इसका मतलब यह नही की उसे फोबिया है और वह इसका दवा ले ऐसे में जरुरत होती है ज्यादा से ज्यादा लोगो से मिलने की कोसिस करने से | तो अगर आप फोबिया  के प्रकार के बारे में जानेंगे तो कहीं ना कहीं आपको ऐसा महसूस होगा कि आप भी कहीं फोबिया के शिकार तो नहीं इसलिए हम कुछ मुख्य लक्षण व प्रकार बता देते हैं जिससे आप जान पाएंगे कि फोबिया क्या  होती है और कौन व्यक्ति फोबिया से पीड़ित हो सकता है|

1. टीवी पर चल रहे मारपीट के सीन देख कर के यह महसूस करना कि वह लड़ाई वास्तव में हो रही है और वह लोग TV से बाहर निकल कर हानि पहुंचा सकते हैं या तेज चिल्लाना|

2.ऊपर के पंखे के चलने पर उसके गिर जाने का डर लग्न और पंखा बंद रखना |

3.कुत्ते के भौंकने पर ही काट लेने का डर या कुत्ते के दिखाई देने पर ही काट लेने का तेज डर लगना|

4.किसी गढ़धे के पानी से डर लगना या फिर घर में ही स्टोर कर रखे पानी में डूबने का डर लगना |

5. किसी पतले तार जिसमें करंट ना जा रहा हो उसमें भी करंट लगने का डर लगना|

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6.किसी डोरे या डंडे या कुछ और  करके दिखाई दिखने पर सांप का होने का अनुभव होना |

7.किसी शांत कमरे में रहने पर किसी और के छुपे होने का एहसास होना यह डर अगर कुछ समय के लिए है तो ठीक है पर उजाले में या दिन में इस तरह का डर फोबिया कहलाता है|

8.किसी खास तरह के व्यक्तियों जैसे साधु-संतों के भेष भूषा या डॉक्टर से डर लगना|

9. किसी को प्यार से या मजाक में भी मारने पर पीड़ित के द्वारा ऐसा प्रतीत होना की लड़ाई होरही है तो यह भी फोबिया के लक्षण है |

10. घरो के दरवाजे के बंद राहने पर लगने वाला डर | बहुत से लोगो को अगेर घर में दरवाजा बंद कर रहना हो तो उनको घुटन महसूस होती है |

11. खाली सड़क पार करने में तेज डर का लग्न | या गाडी के धीमी गति से चलने या गाडी पर बैठने में लगने वाला डर |

 

 

 

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